दो भाइयों के बीच दीवार बन गई थी… माँ के एक ख़त ने सब बदल दिया
“कभी-कभी रिश्तों को तोड़ने के लिए बड़े झगड़े की ज़रूरत नहीं होती… सिर्फ़ ख़ामोशी ही काफ़ी होती है।” एक ही…
“कभी-कभी रिश्तों को तोड़ने के लिए बड़े झगड़े की ज़रूरत नहीं होती… सिर्फ़ ख़ामोशी ही काफ़ी होती है।” एक ही…
“Kabhi kabhi zindagi ki sabse badi haar woh nahi hoti jo hum haar jaate hain… balki woh hoti hai jab…