सुबह चाय के साथ दो बिस्कुट, ऑफिस में मीठी चाय, शाम को नमकीन, कभी ठंडा पेय और सप्ताह के आखिर में बाहर का खाना।
अलग-अलग देखें तो इनमें से कोई एक चीज पेट की चर्बी बढ़ने की अकेली वजह नहीं है। लेकिन जब ऐसी छोटी-छोटी चीजें रोज की आदत बन जाती हैं, तो हमें पता भी नहीं चलता और दिनभर में जरूरत से ज्यादा कैलोरी शरीर में पहुंचने लगती है।
यहीं एक जरूरी बात समझनी चाहिए।
कोई एक फूड सीधे पेट की चर्बी नहीं बढ़ाता। लेकिन कुछ चीजों को बार-बार और ज्यादा मात्रा में खाने या पीने से कुल कैलोरी बढ़ सकती है। अगर लंबे समय तक शरीर को जरूरत से ज्यादा ऊर्जा मिलती रहे, तो वजन और शरीर में चर्बी बढ़ सकती है। इसमें पेट के आसपास जमा होने वाली चर्बी भी शामिल है।
इसलिए सवाल सिर्फ यह नहीं है कि पेट कम करने के लिए क्या खाना बंद कर दें।
ज्यादा जरूरी सवाल है, किन चीजों की मात्रा कम करें और उनकी जगह क्या खाएं?
क्या कुछ फूड्स सच में पेट की चर्बी बढ़ाते हैं?
किसी एक फूड को पेट की चर्बी का सीधा कारण मानना सही नहीं है।
वजन और शरीर में जमा चर्बी कई चीजों से प्रभावित होती है। इनमें पूरे दिन का खानपान, कुल कैलोरी, शारीरिक गतिविधि, नींद, तनाव, उम्र, आनुवंशिक कारण और कुछ स्वास्थ्य स्थितियां शामिल हो सकती हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्वस्थ आहार संबंधी जानकारी के अनुसार संतुलित आहार में फल, सब्जियां, दालें, साबुत अनाज, मेवे और बीज जैसी पौष्टिक चीजों को प्राथमिकता देना चाहिए। साथ ही अतिरिक्त चीनी, ज्यादा नमक और अस्वास्थ्यकर वसा की मात्रा सीमित रखना बेहतर है।
इसलिए आगे जिन चीजों की बात हो रही है, उन्हें “पेट बढ़ाने वाला खाना” समझने के बजाय ऐसे फूड्स के रूप में देखें जिनकी मात्रा और बार-बार खाने की आदत पर ध्यान देना जरूरी है।
खानपान और पेट की चर्बी का क्या संबंध है?
इसे एक आम उदाहरण से समझिए।
मान लीजिए घर पर आपका सामान्य खाना दाल, सब्जी, रोटी या चावल, दही और सलाद है।
इसमें अपने आप कोई समस्या नहीं है।
लेकिन उसी दिन सुबह मीठी चाय के साथ बिस्कुट, ऑफिस में एक और मीठी चाय, शाम को नमकीन और रात के खाने के बाद मिठाई भी जुड़ जाती है।
अब समस्या सिर्फ रात में खाई गई रोटी या चावल नहीं है।
दिनभर में जुड़ी ये छोटी-छोटी अतिरिक्त कैलोरी मिलकर आपकी जरूरत से ज्यादा हो सकती हैं। अगर लंबे समय तक ऐसा होता रहे और शारीरिक गतिविधि भी कम हो, तो धीरे-धीरे वजन बढ़ सकता है।
इसलिए पेट की चर्बी को समझते समय किसी एक फूड को दोष देने के बजाय पूरे दिन के खानपान और जीवनशैली को साथ देखना ज्यादा उपयोगी है।
पेट की चर्बी बढ़ने में योगदान देने वाले 10 फूड्स और पेय
इनमें से किसी चीज को कभी-कभार खाने से अचानक पेट की चर्बी नहीं बढ़ जाएगी।
लेकिन अगर ये चीजें आपके रोज के खानपान का बड़ा हिस्सा बन गई हैं, तो उनकी मात्रा और उन्हें कितनी बार खाया जा रहा है, इस पर ध्यान देना जरूरी है।
1. मीठे पेय और सॉफ्ट ड्रिंक्स
कोल्ड ड्रिंक, पैकेट वाले मीठे पेय, एनर्जी ड्रिंक और इसी तरह के दूसरे पेय में काफी मात्रा में चीनी और कैलोरी हो सकती है।
पेय से मिलने वाली कैलोरी की एक समस्या यह है कि इन्हें पीने के बाद अक्सर उतना पेट भरा महसूस नहीं होता, जितना ठोस खाना खाने के बाद होता है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की चीनी के सेवन से जुड़ी सलाह में बच्चों और वयस्कों दोनों के लिए मुक्त शर्करा से मिलने वाली ऊर्जा को कुल दैनिक ऊर्जा के 10 प्रतिशत से कम रखने की सलाह दी गई है।
क्या करें?
अगर आप रोज कोल्ड ड्रिंक या कोई मीठा पैकेट वाला पेय पीते हैं, तो सबसे पहले उसकी मात्रा या उसे पीने की संख्या कम करें।
पानी, बिना चीनी की चाय या दूसरे बिना चीनी वाले पेय आसान विकल्प हो सकते हैं।
नींबू पानी भी ले सकते हैं, लेकिन उसे चर्बी जलाने वाला पेय समझना सही नहीं है। उसका फायदा तब हो सकता है जब वह किसी ज्यादा कैलोरी वाले मीठे पेय की जगह ले रहा हो।
2. मिठाइयां और ज्यादा अतिरिक्त चीनी वाली चीजें
गुलाब जामुन, जलेबी, मिठाई, चॉकलेट या दूसरी मीठी चीजें हमेशा के लिए छोड़ना जरूरी नहीं है।
समस्या तब शुरू हो सकती है जब मीठा कभी-कभार की पसंद से बदलकर रोज की आदत बन जाए।
जरा अपने पूरे दिन पर ध्यान दीजिए।
सुबह मीठी चाय।
ऑफिस पहुंचकर फिर चाय।
शाम को चाय के साथ बिस्कुट।
और रात के खाने के बाद कुछ मीठा।
अलग-अलग देखने पर ये चीजें बहुत ज्यादा नहीं लगतीं। लेकिन पूरे दिन को जोड़कर देखें तो अतिरिक्त चीनी और कैलोरी काफी बढ़ सकती है।
अक्सर सुधार किसी एक बड़े त्याग से नहीं, बल्कि ऐसी छोटी आदतों को पहचानने से शुरू होता है।
3. बिस्कुट, केक और बेकरी की चीजें
बहुत से लोग कहते हैं, “मैं बाहर का खाना तो ज्यादा खाता ही नहीं, बस चाय के साथ दो-चार बिस्कुट लेता हूं।”
लेकिन यही छोटी आदत दिन में कई बार दोहराई जाए तो फर्क पड़ सकता है।
बिस्कुट, कुकीज, केक और पेस्ट्री जैसी कई चीजों में मैदा, अतिरिक्त चीनी और वसा का मेल होता है।
कभी-कभार एक-दो बिस्कुट खाना बड़ी समस्या नहीं है।
लेकिन सुबह, ऑफिस और शाम की चाय के साथ बिस्कुट रोज खाए जा रहे हैं, तो उनकी कुल मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।
सिर्फ यह मत देखिए कि आप जंक फूड खाते हैं या नहीं।
यह भी देखिए कि रोज के छोटे नाश्ते आपकी कुल कैलोरी में कितना जोड़ रहे हैं।
4. ज्यादा तली हुई चीजें
समोसा, कचौड़ी, पकौड़े, पूरी और फ्रेंच फ्राइज हमारी पसंद का हिस्सा हो सकते हैं।
इन्हें कभी-कभार खाने से डरने की जरूरत नहीं है।
समस्या तब हो सकती है जब तली हुई चीजें रोज या बहुत बार खाई जाने लगें।
तलने के कारण कई फूड्स में कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है। यानी थोड़ी मात्रा खाने पर भी काफी कैलोरी मिल सकती है।
अगर रोज शाम का नाश्ता तला हुआ है, तो उसे एकदम बंद करने के बजाय पहले सप्ताह में कुछ दिनों तक सीमित करके देखिए।
ऐसा बदलाव लंबे समय तक निभाना ज्यादा आसान होता है।
5. चिप्स, नमकीन और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड स्नैक्स
पैकेट वाले स्नैक्स के साथ एक आम समस्या है।
पैकेट खुलता है और खाते-खाते पता ही नहीं चलता कि कितना खा लिया।
चिप्स, नमकीन और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड स्नैक्स को जरूरत से ज्यादा खाना आसान हो सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के नियंत्रित अध्ययन में बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड आहार लेने वाले प्रतिभागियों ने कम प्रोसेस्ड आहार की तुलना में ज्यादा कैलोरी खाई और उनका वजन भी बढ़ा।
यह छोटा अध्ययन था, इसलिए इसके आधार पर हर पैकेट वाले फूड को खराब कहना सही नहीं होगा। लेकिन यह जरूर बताता है कि बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड चीजों को जरूरत से ज्यादा खाना आसान हो सकता है।
घर में नाश्ते के लिए भुना चना, फल, दही या सीमित मात्रा में मेवे जैसे विकल्प भी रख सकते हैं।
6. फास्ट फूड और बहुत ज्यादा कैलोरी वाला भोजन
बर्गर या पिज्जा सिर्फ अपने नाम की वजह से पेट की चर्बी नहीं बढ़ाते।
असल फर्क इस बात से पड़ता है कि आप कितनी मात्रा में और किसके साथ खा रहे हैं।
उदाहरण के लिए एक बड़ा बर्गर, फ्राइज, मीठा पेय और उसके बाद मिठाई मिलकर काफी ज्यादा कैलोरी वाला भोजन बन सकता है।
अगर बाहर का खाना कभी-कभार है, तो बहुत चिंता करने की जरूरत नहीं है।
लेकिन अगर सप्ताह में कई बार ऐसा हो रहा है, तो खाने की मात्रा और उसके साथ चुनी जाने वाली चीजों पर ध्यान देना ज्यादा उपयोगी होगा।
7. चाय और कॉफी में बार-बार डाली जाने वाली चीनी
भारतीय खानपान में अतिरिक्त चीनी का एक ऐसा स्रोत है जिस पर अक्सर ध्यान नहीं जाता।
वह है हमारी चाय।
एक कप मीठी चाय बहुत ज्यादा नहीं लगती।
लेकिन अगर दिन में तीन या चार कप चाय पी जाती है और हर कप में चीनी डाली जाती है, तो पूरे दिन में चीनी की मात्रा काफी बढ़ सकती है।
चीनी एकदम बंद करना जरूरी नहीं है।
अगर ज्यादा लेते हैं तो धीरे-धीरे मात्रा कम करके देखिए। स्वाद को बदलने में थोड़ा समय लगता है, इसलिए छोटे बदलाव ज्यादा आसानी से टिकते हैं।
8. मिठाई, आइसक्रीम और बड़ी मात्रा में मीठा
खाना खाने के बाद मिठाई या आइसक्रीम खाना अपने आप में कोई गलती नहीं है।
समस्या तब हो सकती है जब यह रोज की आदत बन जाए।
अगर रात के खाने के बाद रोज कोई मीठी चीज ली जा रही है, तो उससे दिनभर की कुल कैलोरी बढ़ सकती है।
एक आसान तरीका है कि मिठाई को रोज की आदत बनाने के बजाय कभी-कभार खाएं और मात्रा थोड़ी रखें।
खाने को पूरी तरह “अच्छा” और “बुरा” मानने के बजाय मात्रा और आदत पर ध्यान देना ज्यादा व्यावहारिक है।
9. देर रात बिना भूख के खाते रहना
यहां एक बहुत आम भ्रम दूर करना जरूरी है।
रात में खाया गया खाना अपने आप चर्बी में नहीं बदल जाता।
लेकिन अगर रात का खाना खाने के बाद भी टीवी या मोबाइल देखते हुए चिप्स, बिस्कुट, नमकीन या मिठाई खाते रहते हैं, तो ये दिनभर की अतिरिक्त कैलोरी में जुड़ जाते हैं।
इसलिए समस्या सिर्फ रात के 10 या 11 बजे खाने की नहीं है।
ज्यादा जरूरी सवाल है:
क्या आपको सच में भूख लगी है, या आप सिर्फ आदत की वजह से खा रहे हैं?
अगर रात में अक्सर तेज भूख लगती है, तो यह भी देखना चाहिए कि आपका रात का खाना पर्याप्त और संतुलित है या नहीं।
10. सेहतमंद समझकर जरूरत से ज्यादा खाई जाने वाली चीजें
यह बात थोड़ी हैरान कर सकती है।
बादाम, दूसरे मेवे, बीज और पीनट बटर जैसी चीजें पौष्टिक हो सकती हैं। लेकिन इनमें भी कैलोरी होती है।
इसलिए पौष्टिक होने का मतलब यह नहीं कि इन्हें कितनी भी मात्रा में खाया जा सकता है।
उदाहरण के लिए बादाम संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं। लेकिन टीवी देखते हुए बिना मात्रा का ध्यान रखे पूरा कटोरा खत्म कर देना अलग बात है।
एक आसान बात याद रखें:
सेहतमंद चीज भी सही मात्रा में खाना ज्यादा बेहतर है।
क्या चावल और रोटी से पेट की चर्बी बढ़ती है?
सिर्फ चावल या रोटी खाने से पेट की चर्बी नहीं बढ़ती।
यह हमारे यहां सबसे आम धारणाओं में से एक है कि पेट कम करना है तो सबसे पहले चावल या रोटी बंद कर दो।
असल में रोटी और चावल कार्बोहाइड्रेट के स्रोत हैं और संतुलित आहार का हिस्सा हो सकते हैं।
ज्यादा जरूरी यह देखना है कि आपकी पूरी थाली कैसी है।
अगर थाली का ज्यादातर हिस्सा सिर्फ चावल या रोटी से भरा है और सब्जी, दाल या प्रोटीन वाली दूसरी चीजें बहुत कम हैं, तो संतुलन सुधारने की जरूरत हो सकती है।
एक सामान्य भारतीय थाली में कोशिश करें कि पर्याप्त सब्जियां हों, दाल, दही, पनीर, अंडे या कोई दूसरा प्रोटीन का स्रोत हो और रोटी या चावल की मात्रा आपकी जरूरत के अनुसार हो।
पेट की चर्बी कम करने के लिए कार्बोहाइड्रेट को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है।
पेट की चर्बी कम करनी है तो इनकी जगह क्या खाएं?
हर चीज को बंद करने की सूची बनाने से शुरुआत मत कीजिए।
छोटे और आसान बदलाव ज्यादा लंबे समय तक चलते हैं।
कोल्ड ड्रिंक की जगह पानी या बिना चीनी वाला पेय ले सकते हैं।
चाय के साथ रोज बिस्कुट खाने के बजाय कभी फल, भुना चना या दही ले सकते हैं।
रोज तला हुआ नाश्ता खाने की आदत है तो सप्ताह के कुछ दिनों में घर का हल्का नाश्ता चुन सकते हैं।
खाने में सिर्फ रोटी या चावल की मात्रा कम करने पर ध्यान देने के बजाय सब्जियों और प्रोटीन वाली चीजों को भी पर्याप्त जगह दें।
मीठा खाना पसंद है तो उसे पूरी तरह बंद करने के बजाय मात्रा छोटी रखें और रोज खाने की आदत से बचें।
विश्व स्वास्थ्य संगठन की स्वस्थ आहार संबंधी सलाह भी अलग-अलग तरह के फल, सब्जियां और पौष्टिक खाद्य पदार्थ खाने तथा ज्यादा चीनी, नमक और अस्वास्थ्यकर वसा को सीमित रखने पर जोर देती है।
सबसे अच्छा खानपान वही है जिसे आप कुछ दिनों के बजाय लंबे समय तक अपना सकें।
क्या इन फूड्स को पूरी तरह छोड़ना जरूरी है?
नहीं।
स्वस्थ वजन बनाए रखने का मतलब यह नहीं है कि आपकी पसंद की हर चीज जिंदगी भर के लिए बंद हो जाए।
इससे बेहतर तरीका है कि रोज खाई जाने वाली ज्यादा कैलोरी वाली चीज को कभी-कभार खाएं।
बड़ी मात्रा को थोड़ा छोटा करें।
जहां आसानी से बेहतर विकल्प मिल सकता है, वहां उसे चुनें।
किसी जन्मदिन पर केक खा लिया या सप्ताह के आखिर में समोसा खा लिया, तो इससे आपकी पूरी मेहनत बेकार नहीं हो जाती।
असल फर्क उन चीजों से पड़ता है जो आप ज्यादातर दिनों में करते हैं।
क्या सिर्फ खाना बदलने से पेट की चर्बी कम हो जाएगी?
खानपान बहुत महत्वपूर्ण है, लेकिन यही पूरी तस्वीर नहीं है।
अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र की स्वस्थ वजन संबंधी जानकारी के अनुसार स्वस्थ वजन घटाने में संतुलित खानपान के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि, पर्याप्त नींद और तनाव को संभालना भी महत्वपूर्ण है।
शारीरिक गतिविधि भी इसमें बड़ी भूमिका निभाती है।
वयस्कों के लिए सीडीसी की शारीरिक गतिविधि संबंधी सलाह के अनुसार वयस्कों को हर सप्ताह कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाली शारीरिक गतिविधि और कम से कम 2 दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली गतिविधियां करने का लक्ष्य रखना चाहिए।
एक और बात समझना जरूरी है।
सिर्फ पेट की एक्सरसाइज करने से शरीर केवल पेट की चर्बी को चुनकर कम नहीं करता।
पेट की एक्सरसाइज वहां की मांसपेशियों को मजबूत कर सकती हैं, लेकिन शरीर की अतिरिक्त चर्बी कम करने के लिए खानपान, रोज की गतिविधि और पूरी जीवनशैली पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
अगर आप घर से शुरुआत करना चाहते हैं, तो ShivarthLife की बिना जिम पेट की चर्बी कम करने की गाइड भी पढ़ सकते हैं।
किसी एक “चर्बी जलाने वाले फूड” या पेय की तलाश करने के बजाय ऐसी दिनचर्या बनाना ज्यादा उपयोगी है जिसे आप लंबे समय तक निभा सकें।
आज से शुरू करने के लिए 5 छोटे बदलाव
सब कुछ एक ही दिन बदलने की जरूरत नहीं है।
अगले सात दिनों तक सिर्फ इन पांच चीजों पर ध्यान देकर देखिए:
- रोज पी जाने वाले मीठे पेय की संख्या कम करें।
- चाय के साथ बिस्कुट या नमकीन खाने की आदत पर ध्यान दें।
- कम से कम एक मुख्य भोजन में सब्जियों और प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं।
- शाम या देर रात बिना भूख के होने वाले खाने को पहचानें।
- रोज थोड़ा ज्यादा चलने या दूसरी शारीरिक गतिविधि करने की कोशिश करें।
इन बदलावों का मकसद सात दिनों में पेट की चर्बी गायब करना नहीं है।
मकसद उन छोटी आदतों को पहचानना है जिन्हें आप आने वाले महीनों तक आसानी से बेहतर रख सकते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या चावल खाने से पेट की चर्बी बढ़ती है?
सिर्फ चावल खाने से पेट की चर्बी नहीं बढ़ती। ज्यादा जरूरी यह है कि आप कितनी मात्रा में चावल खाते हैं, आपकी पूरी थाली कितनी संतुलित है, दिनभर में कुल कितनी कैलोरी लेते हैं और आपकी शारीरिक गतिविधि कितनी है।
क्या चीनी पेट की चर्बी बढ़ाती है?
बहुत ज्यादा अतिरिक्त चीनी लेने से दिनभर की कुल कैलोरी बढ़ सकती है। खासकर मीठे पेय बार-बार लेने से जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना आसान हो सकता है।
लेकिन पेट की चर्बी बढ़ने के लिए सिर्फ चीनी को जिम्मेदार मानना सही नहीं होगा। आपका पूरा खानपान और जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण है।
पेट की चर्बी कम करने के लिए किन फूड्स को कम करना चाहिए?
मीठे पेय, बहुत ज्यादा मिठाइयां, तली हुई चीजें, पैकेट वाले स्नैक्स और बहुत ज्यादा प्रोसेस्ड तथा कैलोरी वाली चीजों की मात्रा कम करना उपयोगी हो सकता है।
लेकिन केवल कुछ फूड्स हटाने के बजाय पूरे खानपान की गुणवत्ता और मात्रा पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
क्या महिलाओं में पेट की चर्बी बढ़ाने वाले फूड्स अलग होते हैं?
महिलाओं के लिए कोई अलग ऐसा फूड नहीं है जो अकेले पेट की चर्बी बढ़ाता हो।
हालांकि उम्र, हार्मोन में बदलाव, रजोनिवृत्ति, आनुवंशिक कारण और शारीरिक गतिविधि शरीर में चर्बी जमा होने के तरीके को प्रभावित कर सकते हैं।
अगर वजन या पेट के आकार में अचानक और असामान्य बदलाव दिखाई दे, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है।
क्या पुरुषों में पेट की चर्बी बढ़ाने वाले फूड्स अलग होते हैं?
पुरुषों के लिए भी कोई एक खास फूड पेट की चर्बी का अकेला कारण नहीं है।
पूरे दिन का खानपान, कुल कैलोरी, शारीरिक गतिविधि, नींद, आनुवंशिक कारण और जीवनशैली ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।
क्या रात में खाना खाने से पेट की चर्बी बढ़ती है?
सिर्फ रात में खाना खाने से भोजन अपने आप पेट की चर्बी में नहीं बदल जाता।
लेकिन रात का खाना खाने के बाद लगातार ज्यादा कैलोरी वाले स्नैक्स खाते रहने से दिनभर की कुल कैलोरी बढ़ सकती है। लंबे समय तक ऐसा होने पर वजन बढ़ने में योगदान हो सकता है।
अगर रात में क्या पीना चाहिए इसे लेकर भ्रम है, तो रात में वजन घटाने के लिए क्या पिएं? गाइड भी पढ़ सकते हैं।
जरूरी सूचना
यह लेख केवल सामान्य जानकारी और शिक्षा के उद्देश्य से है। इसे चिकित्सकीय सलाह, जांच या उपचार का विकल्प न मानें। किसी स्वास्थ्य समस्या, दवा, सप्लीमेंट या खानपान और एक्सरसाइज में बड़े बदलाव से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह लें।
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